हरीतकी · Terminalia chebula Retz. · Combretaceae
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शास्त्रों के अनुसार, सुरक्षा सीमाओं के साथ
हिंदी नाम: हरड़
शास्त्रों में बताए कर्म
प्रमाण क्या कहते हैं: पारंपरिक उपयोग व्यापक है और लंबे समय से दर्ज है। आधुनिक क्लिनिकल प्रमाण सीमित हैं।
यह एक पारंपरिक वर्गीकरण है, सलाह नहीं। पूरा सुरक्षा विवरण नीचे है।
| रस | कषाय (कसैला), मधुर (मीठा), अम्ल (खट्टा), कटु (तीखा), तिक्त (कड़वा) |
| गुण | लघु (हल्का), रूक्ष (रूखा) |
| वीर्य | उष्ण (गर्म) |
| विपाक | मधुर (मीठा) |
| चूर्ण | 3–6 g |
| क्वाथ (काढ़ा) | 50–100 ml |
| अनुपान | वसंत में सैंधव (सेंधा नमक) के साथ · शरद में शर्करा के साथ · वर्षा में शुण्ठी (सोंठ) के साथ · ग्रीष्म में मधु के साथ · हेमंत में पिप्पली के साथ · शिशिर में गुड़ के साथ |
| काल | रात्रि, सोते समय, अनुलोमन के लिए |
ऋतु-अनुसार अनुपान शास्त्रीय नियम है और परीक्षा में पूछा जाता है; हरीतकी दुबलेपन (कृशता), थकावट और गर्भावस्था में निषिद्ध है।
शार्ङ्गधर संहिता और आयुर्वेदिक फ़ार्माकोपिया ऑफ़ इंडिया के अनुसार बताई गई मात्रा। Laisha बताती है कि ग्रंथ क्या कहते हैं; यह सिफ़ारिश नहीं करती। यहां कोई भी मात्रा किसी व्यक्ति के लिए — अग्नि, कोष्ठ, बल, उम्र, गर्भावस्था, किडनी या लिवर की स्थिति, या पहले से ली जा रही किसी चीज़ के हिसाब से — बदली नहीं गई है।
भावप्रकाश निघण्टु के हरीतक्यादि वर्ग में हरीतकी पहला द्रव्य है और त्रिफला के तीन फलों में से एक। आयुर्वेद इसे रसायनों में गिनता है और इसका अनुलोमन कर्म बताता है। यह परंपरा की मान्यता है और वहां लिखी है जहां बताया गया; यह एक लंबे और जारी व्यवहार का वर्णन है, यह खोज नहीं कि फल शरीर में क्या करता है।
| स्थिति | पारंपरिक उपयोग व्यापक है और लंबे समय से दर्ज है। आधुनिक क्लिनिकल प्रमाण सीमित हैं। |
| जो सुझाया गया है | हेल्थ कनाडा इस फल के आयुर्वेदिक योगों के लिए कुछ ख़ास पारंपरिक-उपयोग दावों की अनुमति देता है, जिसका मतलब है कि एक नियामक ने दर्ज उपयोग-परंपरा को स्वीकार किया है, न कि क्लिनिकल ट्रायल के प्रमाणों का कोई आधार। यही फ़र्क असल बात है, और इसीलिए इसे ऐसे लिखा गया है। |
| जो स्थापित नहीं | किसी भी नामित बीमारी पर इसका असर साबित करने के लिए पर्याप्त अच्छे क्लिनिकल प्रमाण नहीं हैं। लंबा पारंपरिक उपयोग उस प्रमाण का विकल्प नहीं है, और यह लाइब्रेरी उसे ऐसा बताकर पेश नहीं करती। |
इसमें टैनिन बहुत है और पारंपरिक अनुलोमन कर्म इतना असली है कि ज़्यादा लेने का सामान्य नतीजा पतले दस्त हैं। इसका उष्ण वीर्य ही कारण है कि ग्रंथ कुछ अवस्थाओं में इसके विरुद्ध सावधान करते हैं। जो भी गर्भवती है, दवा ले रहा है, या किसी पहचानी गई बीमारी को संभाल रहा है, उसे इसे भोजन में मिलने के बजाय दवा के रूप में इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या योग्य चिकित्सक से बात करनी चाहिए।
| दुष्प्रभाव (साइड इफ़ेक्ट) | पतले दस्त पेट में असहजता या मरोड़ टैनिन के कारण मुंह सूखना |
| कब न लें / पहले पूछें | शास्त्रीय ग्रंथ गर्भावस्था में, गंभीर कमज़ोरी में और अत्यधिक थकावट में इसके विरुद्ध सलाह देते हैं। यह ग्रंथों के कथन के रूप में दर्ज है। इनके अलावा कोई पूर्ण निषेध यहां दर्ज नहीं है। यह जानबूझकर लिखा गया है, खाली नहीं छोड़ा गया। |
| दवाओं से इंटरैक्शन | मुंह से ली जाने वाली कोई भी दवा — अनुलोमन आंतों की गति बढ़ाता है और अवशोषण घटा सकता है। दो घंटे का अंतर रखें। डायबिटीज़ की दवाएं — ब्लड शुगर कम होने की सूचना मिली है। गर्भावस्था, कृशता (दुबलेपन) और थकावट के बाद निषिद्ध — एक शास्त्रीय निषेध जो आधुनिक दृष्टि से भी ठीक है। |
| गर्भावस्था और स्तनपान | शास्त्रीय ग्रंथ गर्भावस्था में हरीतकी के विरुद्ध सलाह देते हैं। आधुनिक प्रमाण गर्भावस्था या स्तनपान में किसी भी तरफ़ सुरक्षा साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए पहले किसी योग्य चिकित्सक से पूछना चाहिए। |
यह अध्ययन का संदर्भ है, पर्चा नहीं। किसी भी द्रव्य को दवा के रूप में लेने से पहले डॉक्टर या योग्य वैद्य से बात करें।