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बैंगन की खेती कैसे करें

Solanum melongena

हिंदी अनुवाद — Laisha

यह पेज अंग्रेज़ी गाइड के मुख्य हिस्सों का अनुवाद है। हर अवस्था के पूरे क़दम, बाज़ार, खेती का हिसाब और सभी स्रोत अंग्रेज़ी गाइड में हैं। Read the full guide in English →

बैंगन उन सबसे उपजाऊ सब्ज़ियों में से है जो एक छोटी क्यारी में उग सकती हैं। एक बार की रोपाई एक कटाई देने के बजाय महीनों तक फल देती रहती है, इसलिए कुछ कतारें एक घर का पेट भरती हैं और लंबे मौसम में हर कुछ दिन में एक टोकरी बिकती है। दुनिया की ज़्यादातर फसल चीन और भारत उगाते हैं, और यह दक्षिण व दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य-पूर्व, भूमध्य सागर के इलाके और अफ़्रीका के बड़े हिस्से में मुख्य सब्ज़ी है। यह गर्मी और थोड़ा सूखा टमाटर से बेहतर झेलता है, इसलिए जिन मौसमों में टमाटर फ़ेल होता है उनमें यह भरोसे की फसल है। इसकी कमज़ोरी एक कीड़ा है। एशिया के बड़े हिस्से में टहनियों और फिर फल में छेद करने वाली एक सुंडी ही वजह है कि बैंगन सबसे ज़्यादा दवा छिड़की जाने वाली सब्ज़ियों में है, और हर हफ़्ते छिड़काव किए बिना इसे संभालना सीखना इस गाइड की सबसे कीमती बात है।

एक नज़र में

बुवाई से फसल तकपौध को खेत में ले जाने से पहले फल तक मोटे तौर पर दो से तीन महीने, और फिर तीन-चार महीने तक हर कुछ दिन में तुड़ाई।
सबसे ज़्यादा क्या चाहिएगर्मी, धूप और लगातार पानी, और ऐसी ज़मीन जिसमें हाल में बैंगन कुल की फसल न लगी हो।
सबसे कठिन हिस्साटहनियों और फल में छेद करने वाली सुंडी (तना एवं फल छेदक)। यह पौधे के अंदर काम करती है जहां आपका कोई छिड़काव नहीं पहुंच सकता।
शुरू करने का सबसे आसान तरीकाछोटी सुरक्षित क्यारी में पौध तैयार करें, सबसे मज़बूत पौध को अच्छी तरह तैयार गर्म ज़मीन में रोपें, और बढ़ने के साथ उन्हें सहारा दें।

बैंगन की खेती, अवस्था-दर-अवस्था

अवस्था 1: ज़मीन तैयार करें

गर्म, धूप वाली, अच्छी जल-निकासी वाली ज़मीन चुनें जिसमें हाल में बैंगन कुल की फसल न लगी हो, और जैविक पदार्थ मिलाएं क्योंकि यह पौधा महीनों वहीं खड़ा रहता है।

अवस्था 2: पौध चुनें और तैयार करें

सीधे खेत में बोने के बजाय गर्म, सुरक्षित क्यारी में पौध तैयार करें, क्योंकि पौध की अवस्था धीमी होती है और ज़्यादातर फसलें यहीं बिगड़ती हैं।

अवस्था 3: रोपाई

दिन की ठंडक में पौध को गर्म ज़मीन में रोपें, ज़्यादा दूरी रखें क्योंकि हर पौधा झाड़ी बनता है, और सहारे की लकड़ी बाद में नहीं, रोपाई के समय ही गाड़ें।

अवस्था 4: पानी (सिंचाई)

भारी के बजाय लगातार पानी दें, क्योंकि यह फसल लगातार फल बनाती और भरती है, और सूखे व जलभराव के बीच झूलना ही फलों को फाड़ता और बिगाड़ता है।

अवस्था 5: खरपतवार, खाद और सहारा

छोटी फसल को साफ़ रखें, बार-बार थोड़ी-थोड़ी खाद दें क्योंकि यह महीनों फल देती है, और फलों का वज़न गिराए उससे पहले बांध दें।

अवस्था 6: फूल आना, और वह छेदक जो फसल तय करता है

पहले फूलों से आपको उस सुंडी पर नज़र रखनी है जो पहले टहनियों और फिर फल में छेद करती है, और उसे टहनियों में पकड़ लेना ही पूरा नियंत्रण है।

अवस्था 7: कटाई

जब छिलका अभी चमकदार हो और गूदा दबाने पर वापस उभरे, तब तोड़ें, सख़्त डंठल चाकू से काटें, और हर कुछ दिन में तोड़ते रहें वरना पौधा रुक जाता है।

अवस्था 8: ताज़ा बनाए रखें और बीज बचाकर रखें

बैंगन पर आसानी से चोट लगती है और इसे ज़्यादा ठंड पसंद नहीं, इसलिए ठंडी, छायादार जगह रखें और जल्दी बाज़ार भेजें, और बीज सिर्फ़ अच्छे पौधे के पूरे ज़्यादा पके फल से बचाएं।

हर अवस्था के विस्तृत क़दम और "कैसे पता चले कि सही हुआ" अंग्रेज़ी गाइड में हैं।

आम समस्याएं और उपाय

अगर दिखे: बढ़ती टहनियों के सिरे मुरझाकर झुकते हैं जबकि बाकी पौधा स्वस्थ दिखता है, और फल में हरी टोपी के पास छोटे छेद, कभी-कभी गहरी बीट से बंद।

इसका मतलब: एक सुंडी जो पहले नरम टहनी में और बाद में फल में छेद करती है। यह पौधे के अंदर रहती है, इसीलिए नुकसान कीड़ा दिखने से पहले दिखता है।

क्या करें:

अगर दिखे: स्वस्थ दिखने वाला पौधा एक-दो दिन में पूरी तरह मुरझा जाता है और रात भर में भी नहीं संभलता, पत्तियां पीली नहीं बल्कि अभी हरी, और कटे तने का आधार साफ़ पानी में रखने पर दूधिया धागा छोड़ता है।

इसका मतलब: मिट्टी में रहने वाला जीवाणु रोग (जीवाणु उकठा) जो पौधे की पानी की नलियां बंद करता है। इसका कोई इलाज नहीं, यह सालों ज़मीन में ज़िंदा रहता है और बैंगन कुल की किसी भी फसल के नीचे बढ़ता है।

क्या करें:

अगर दिखे: पौधे छोटी पत्तियों वाले, फीके, सीधे और असामान्य रूप से झाड़ीदार हो गए हैं, कई पतली टहनियों के साथ, टेढ़े-मेढ़े फूल या बिल्कुल फूल नहीं, और किसी भी मौसम में कोई फल नहीं।

इसका मतलब: छोटे रस चूसने वाले कीड़ों से फैलने वाला रोग (छोटी पत्ती रोग / लिटिल लीफ) जो पौधे को फल के बजाय टहनियां उगाने पर मजबूर करता है। इसके लक्षण वाले पौधे को ठीक करने वाला कोई छिड़काव नहीं है।

क्या करें:

इस गाइड की ईमानदार सीमाएं

बैंगन के रोग और कीट

बैंगन के 12 रोग और कीट — पहचान, लक्षण, जीवन-चक्र और रोकथाम, हिंदी में।

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