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रागी (मडुआ) की खेती कैसे करें

Eleusine coracana

हिंदी अनुवाद — Laisha

यह पेज अंग्रेज़ी गाइड के मुख्य हिस्सों का अनुवाद है। हर अवस्था के पूरे क़दम, बाज़ार, खेती का हिसाब और सभी स्रोत अंग्रेज़ी गाइड में हैं। Read the full guide in English →

रागी परिवार का बीमा है। इसका दाना कोठार में पांच साल और उससे ज़्यादा समय तक कीड़ों से बचा रहता है, क्योंकि हर बीज बहुत छोटा और सख़्त छिलके वाला होता है। इसलिए अच्छे साल की उपज बुरे साल के लिए ऐसे बचाकर रखी जा सकती है, जैसा छोटे खेत का कोई दूसरा अनाज नहीं होने देता। इसमें किसी भी आम अनाज से ज़्यादा कैल्शियम होता है, जो वहां बहुत मायने रखता है जहां बच्चे और दूध पिलाने वाली मांएं ज़्यादातर अनाज ही खाते हैं। यह इथियोपिया और युगांडा के पहाड़ी इलाकों से आई और हज़ारों साल पहले भारत पहुंची; आज कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड के साथ नेपाल, युगांडा, केन्या, तंज़ानिया, इथियोपिया, ज़िम्बाब्वे, ज़ाम्बिया और मलावी में उगाई जाती है। यह ज़्यादातर अनाजों से ऊंचे पहाड़ों पर उगती है, सूखे में मरती नहीं, और बाद में बचा भूसा कचरा नहीं, अच्छा चारा होता है।

एक नज़र में

बुवाई से फसल तकबुवाई से लगभग तीन से पांच महीने, किस्म और ऊंचाई के हिसाब से।
सबसे ज़्यादा क्या चाहिएबारीक बीज-क्यारी और जल्दी निराई, क्योंकि बीज बहुत छोटा होता है और छोटे पौधे खरपतवार जैसे दिखते हैं।
सबसे कठिन हिस्सापहले कुछ हफ़्तों में फसल को गूज़ग्रास (कोदो जैसी घास, इल्यूसीन) से अलग पहचानना, इसीलिए कतारों में बुवाई ज़रूरी है।
शुरू करने का सबसे आसान तरीकाछोटी नर्सरी क्यारी में पौध तैयार करें और रोपाई करें, जो छिटकवां बुवाई से बेहतर फसल देती है।

रागी की खेती, अवस्था-दर-अवस्था

अवस्था 1: ज़मीन तैयार करें

बारीक, ठोस बीज-क्यारी, क्योंकि बीज बहुत छोटा है और ढेलों को धकेलकर ऊपर नहीं आ सकता।

अवस्था 2: बीज चुनें और तय करें कि फसल कैसे लगानी है

झोंका रोग प्रतिरोधी किस्म चुनें, और रोपाई या सीधी बुवाई में से चुनें।

अवस्था 3: नर्सरी तैयार करें, या सीधी बुवाई करें

छोटी, अच्छी बनी क्यारी पर पौध तैयार करें और लगभग तीन हफ़्ते पर रोपें, या कतारों में पतला बोएं।

अवस्था 4: निराई

फसल के सबसे कठिन हफ़्ते, क्योंकि खरपतवार बिल्कुल पौधे जैसा दिखता है।

अवस्था 5: पानी और खाद

लगभग हर जगह बारानी (बारिश पर निर्भर), थोड़ी खाद, और नाइट्रोजन ज़्यादा कभी नहीं।

अवस्था 6: परेशानी पर नज़र रखें

झोंका रोग (ब्लास्ट) ही फसल ले जाता है, और यह बाली की गर्दन पर सबसे ज़ोर से वार करता है।

अवस्था 7: कटाई

बालियां भूरी होते ही काटें, खेत में दो-तीन बार जाकर।

अवस्था 8: गहाई, सुखाई, भंडारण और बिक्री

साफ़ गहाई करें, अच्छी तरह सुखाएं, और फिर जितने समय चाहें भंडार करें।

हर अवस्था के विस्तृत क़दम और "कैसे पता चले कि सही हुआ" अंग्रेज़ी गाइड में हैं।

आम समस्याएं और उपाय

अगर दिखे: निराई के बाद पतली, जगह-जगह खाली फसल, या ऐसा खेत जो बाली निकलने पर ज़्यादातर गूज़ग्रास निकले।

इसका मतलब: फसल और खरपतवार में भ्रम हो गया। रागी और गूज़ग्रास के छोटे पौधे पहले हफ़्तों में लगभग एक जैसे दिखते हैं, और छिटकवां बुवाई में इन्हें अलग पहचानने का कोई तरीका नहीं होता।

क्या करें:

अगर दिखे: ठीक से बोए गए खेत में बहुत कम पौधे उगना।

इसका मतलब: आमतौर पर बीज बहुत गहरा बोया गया, या खुरदरी, ढेलों वाली क्यारी में। रागी का बीज रेत के दाने जितना होता है और उसमें ऊपर धकेलने की लगभग कोई ताकत नहीं होती।

क्या करें:

अगर दिखे: बालियां सफ़ेद और खाली खड़ी हैं जबकि पौधों की पत्तियां अभी हरी हैं, और बाली के ठीक नीचे गहरी, सिकुड़ी हुई पट्टी है।

इसका मतलब: गर्दन का झोंका (नेक ब्लास्ट)। रोग बाली के नीचे तने की गर्दन पर हमला करता है और दाने का भोजन रोक देता है, इसलिए बाली में कुछ नहीं भरता।

क्या करें:

इस गाइड की ईमानदार सीमाएं

रागी के रोग और कीट

रागी के 3 रोग और कीट — पहचान, लक्षण, जीवन-चक्र और रोकथाम, हिंदी में।

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