यह पेज अंग्रेज़ी गाइड के मुख्य हिस्सों का अनुवाद है। हर अवस्था के पूरे क़दम, बाज़ार, खेती का हिसाब और सभी स्रोत अंग्रेज़ी गाइड में हैं।
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मक्का अफ़्रीका और लैटिन अमेरिका में करोड़ों लोगों का मुख्य भोजन है, और लगभग हर जगह पशुओं का चारा। यह तेज़ी से बढ़ती है और कई तरह की मिट्टी में उगती है। ज़मीन का छोटा-सा टुकड़ा भी एक परिवार का पेट भर सकता है।
एक नज़र में
बुवाई से फसल तक
सूखे दाने के लिए लगभग 3 से 5 महीने। हरी और नरम भुट्टे के रूप में लगभग 2 से 3 हफ़्ते पहले खाई जा सकती है।
सबसे ज़्यादा क्या चाहिए
सही समय पर बारिश, और मिट्टी में पोषण। मक्का भूखी फसल है।
सबसे कठिन हिस्सा
छोटे पौधों में सुंडियां (कैटरपिलर), और सूखे दानों को कीड़ों और फफूंद से बचाकर रखना।
शुरू करने का सबसे आसान तरीका
बीज सीधे उसी जगह ज़मीन में डालें जहां पौधा उगेगा। मक्का को नर्सरी की ज़रूरत नहीं होती।
मक्का की खेती, अवस्था-दर-अवस्था
अवस्था 1: ज़मीन तैयार करें
मिट्टी को भुरभुरा करें, खरपतवार निकालें, और पानी के निकलने का रास्ता बनाएं।
अवस्था 2: बीज चुनें और जुटाएं
बड़ा, पूरा और साफ़ बीज इस्तेमाल करें। जानें कि आपका बीज दोबारा बोने के लिए बचाया जा सकता है या नहीं।
अवस्था 3: बीज बोएं
हर गड्ढे में एक या दो बीज, ज़्यादा गहरे नहीं, सीधी कतारों में, बीच में चलने की जगह छोड़कर।
अवस्था 4: पानी (सिंचाई)
मक्का कुछ सूखे दिन झेल सकती है। फूल आने के समय सूखे दिन नहीं झेल सकती।
अवस्था 5: निराई और खाद
पहले छह हफ़्ते खेत साफ़ रखें। जब फसल घुटनों तक हो, तब खाद दें।
अवस्था 6: हफ़्ते में दो बार खेत में घूमें
दुनिया का सबसे सस्ता कीट नियंत्रण आपकी अपनी आंखें और उंगलियां हैं।
अवस्था 7: कटाई का सही समय पहचानें
सूखे दाने के लिए तब तक रुकें जब तक छिलके भूरे न हो जाएं और दाना पत्थर जैसा सख़्त न हो जाए।
अवस्था 8: सुखाएं और ऐसे रखें कि नुकसान न हो
नम मक्का में एक ऐसा ज़हर पनपता है जो दिखता नहीं। इसे अच्छी तरह सुखाएं, फिर हवा से बचाकर बंद करें।
हर अवस्था के विस्तृत क़दम और "कैसे पता चले कि सही हुआ" अंग्रेज़ी गाइड में हैं।
आम समस्याएं और उपाय
अगर दिखे: छोटी पत्तियों में फटे-कटे छेद और खिड़की जैसे निशान। पौधे के ऊपर की कीप (गोभ) में गीले बुरादे जैसी बीट। उसी कीप के अंदर धारीदार सुंडी, जिसके सिर पर उल्टे Y का निशान होता है।
इसका मतलब: फॉल आर्मीवर्म, एक सुंडी जो छोटी मक्का की गोभ के अंदर रहती है और उसे बीच से बाहर की ओर खाती है।
क्या करें:
हफ़्ते में दो बार खेत में घूमें और अंडों के गुच्छों को फूटने से पहले उंगलियों से मसल दें।
गोभ से सुंडियों को हाथ से निकालकर मसल दें, या मुर्गियों को खिला दें।
कुछ किसान हमले वाले पौधे की गोभ में चुटकी भर सूखी राख, बारीक रेत, बुरादा या सूखी मिट्टी डालते हैं। FAO के अनुसार अमेरिका और अफ़्रीका के किसान बताते हैं कि यह काम करता है।
कुछ किसान अंदर की सुंडी को डुबोने के लिए गोभ में थोड़ा पानी डालते हैं।
मक्का की कतारों के बीच फलियां (बीन्स) या कोई दूसरी फसल लगाएं। मिली-जुली फसल पर हमला कम होता है और उसमें इस कीट को खाने वाले कीड़े ज़्यादा रहते हैं।
अपने खेत की चींटियों, ततैयों, मकड़ियों और कनखजूरों को बचाएं। ये आपके लिए इन सुंडियों का शिकार करते हैं।
हर कीड़े को मारने वाले ज़हर का छिड़काव न करें। ये उन मददगार कीड़ों को मार देते हैं, और सुंडी वैसे भी गोभ में गहरे छिपी रहती है जहां छिड़काव पहुंचता ही नहीं।
अगर दिखे: मक्का के बीच चमकीले गुलाबी, बैंगनी या सफ़ेद फूलों वाले छोटे सुंदर पौधे, जबकि आसपास की मक्का बारिश के बावजूद ठिगनी, पीली और मुरझाती हुई हो।
इसका मतलब: स्ट्राइगा, जिसे विचवीड भी कहते हैं। यह ज़मीन के नीचे मक्का की जड़ों से चिपककर उनका रस पीती है। जब तक आपको इसके फूल दिखते हैं, यह कई हफ़्तों से रस चूस रही होती है।
क्या करें:
हर स्ट्राइगा पौधे को फूल आने और बीज बनने से पहले हाथ से उखाड़ दें। छोड़ा गया एक पौधा भी दसियों हज़ार बीज बना सकता है जो आपकी मिट्टी में कई साल ज़िंदा रहते हैं।
उखाड़े पौधे खेत के किनारे न फेंकें। उन्हें जला दें या खेत से दूर गहरा दबा दें।
स्ट्राइगा थकी और भूखी मिट्टी में सबसे ज़्यादा होती है। गोबर की खाद, कम्पोस्ट और नाइट्रोजन खाद, तीनों इसे कम करते हैं।
मक्का की कतारों के बीच लोबिया, मूंगफली या डेस्मोडियम जैसी दलहनी फसल लगाएं। इनकी जड़ें स्ट्राइगा के बीजों को तब उगा देती हैं जब चिपकने के लिए मक्का की जड़ नहीं होती, इसलिए स्ट्राइगा मर जाती है। यह उन गिनी-चुनी चीज़ों में से है जो कुछ मौसमों में खेत को साफ़ कर देती हैं।
बुरी तरह संक्रमित ज़मीन पर साल-दर-साल मक्का न लगाएं। दलहनी फसल के साथ फसल-चक्र अपनाएं।
अपने स्थानीय कृषि अधिकारी से पूछें कि क्या आपके पास स्ट्राइगा को झेलने वाली मक्का की किस्म मिलती है।
अगर दिखे: छोटे पौधे जो छोटे और अकड़े हुए हों, जिनकी पत्तियां और तने बैंगनी या लाल पड़ रहे हों, ख़ासकर ठंडे या गीले मौसम में।
इसका मतलब: पौधा फ़ॉस्फ़ोरस नहीं ले पा रहा, जो जड़ों के लिए ज़रूरी भोजन है। अक्सर मिट्टी ठंडी होती है, या पानी भरा होता है, या सच में फ़ॉस्फ़ोरस की कमी होती है।
क्या करें:
अगर मिट्टी गीली है, तो नाली खोलकर पानी निकाल दें। पानी में डूबी जड़ें भोजन नहीं ले पातीं।
अगर सिर्फ़ ठंड है, तो मौसम गर्म होते ही यह अक्सर अपने-आप ठीक हो जाता है। कोई बड़ा कदम उठाने से पहले एक हफ़्ता रुकें।
अगले मौसम के लिए बुवाई से पहले उस ज़मीन में गोबर की खाद या कम्पोस्ट मिलाएं।
अगर आपको फ़ॉस्फ़ोरस वाली खाद (जैसे DAP या SSP) मिल सके, तो उसे बुवाई के समय बीज के पास डालें, सतह पर बिखेरें नहीं। फ़ॉस्फ़ोरस मिट्टी में आगे नहीं बढ़ता, इसलिए जड़ों का उस तक पहुंचना ज़रूरी है।
इस गाइड की ईमानदार सीमाएं
बुवाई का सही महीना हर जगह अलग है। इसलिए यह गाइड नियम बताती है: तब बोएं जब बारिश ने ज़मीन को गहराई तक भिगो दिया हो, ताकि फूल आने का समय आपके बरसात के हफ़्तों में पड़े।
यहां दी गई दूरी एक अच्छी सामान्य शुरुआत है। जहां मिट्टी कमज़ोर है या बारिश कम है, वहां किसान जानबूझकर पौधों को ज़्यादा दूरी पर लगाते हैं ताकि हर पौधे को ज़्यादा मिले। स्थानीय लोगों से पूछें।
आपका बीज बचाया जा सकता है या नहीं, यह इस पर निर्भर करता है कि वह देसी किस्म है या हाइब्रिड। बीज बचाने की योजना से पहले पता करें कि आपके पास कौन-सा है।