LAISHA

गेहूं की खेती कैसे करें

Triticum aestivum

हिंदी अनुवाद — Laisha

यह पेज अंग्रेज़ी गाइड के मुख्य हिस्सों का अनुवाद है। हर अवस्था के पूरे क़दम, बाज़ार, खेती का हिसाब और सभी स्रोत अंग्रेज़ी गाइड में हैं। Read the full guide in English →

गेहूं उन तीन अनाजों में से एक है जो दुनिया का पेट भरते हैं। यह अच्छी तरह भंडार होता है और दूर तक ले जाया जा सकता है। इससे रोटी, ब्रेड, दलिया और नूडल्स बनते हैं। यह ठंडे मौसम की फसल है, इसलिए कई गर्म देशों में यही वह फसल है जो ठंडे महीनों में खेत भरती है, जब और कुछ नहीं उगता।

एक नज़र में

बुवाई से फसल तकलगभग 4 से 6 महीने, किस्म पर और इस पर निर्भर करता है कि आपकी सर्दी कितनी ठंडी है।
सबसे ज़्यादा क्या चाहिएबढ़ते समय ठंडा मौसम, और पकते समय सूखा मौसम।
सबसे कठिन हिस्सासही समय पर बुवाई। देर से बोया गेहूं लगभग हमेशा कम पैदावार देता है, चाहे आप और कुछ भी कर लें।
शुरू करने का सबसे आसान तरीकाबीज को सीधे बारीक, ठोस और समतल क्यारी में बोएं। गेहूं को नर्सरी की ज़रूरत नहीं होती।

गेहूं की खेती, अवस्था-दर-अवस्था

अवस्था 1: ज़मीन तैयार करें

बारीक, ठोस और समतल बीज-क्यारी बनाएं। गेहूं का बीज छोटा होता है और उसे मिट्टी से अच्छा संपर्क चाहिए।

अवस्था 2: बीज चुनें और जुटाएं

गेहूं ऐसी फसल है जिसमें अपना बीज बचाकर रखना सचमुच काम करता है। बड़े, मोटे और साफ़ दाने इस्तेमाल करें।

अवस्था 3: बीज की बुवाई

समय पर, कम गहराई पर, कतारों में बोएं। यहां समय पर बुवाई सबसे ज़्यादा मायने रखती है।

अवस्था 4: पानी (सिंचाई)

बड़ी अनाज फसलों में गेहूं को सबसे कम पानी चाहिए। लेकिन तीन मौके ऐसे हैं जब इसे सूखा नहीं रहना चाहिए।

अवस्था 5: निराई और खाद

खरपतवार जल्दी निकालें। घनी, एक-सी और अच्छी तरह पोषित फसल ज़्यादातर निराई खुद कर देती है।

अवस्था 6: रतुआ (रस्ट) पर नज़र रखें

तना बढ़ने के समय से हर हफ़्ते एक बार खेत में घूमें और पत्तियां देखें।

अवस्था 7: कटाई का सही समय पहचानें

तब काटें जब पूरा पौधा सुनहरा हो जाए और दाना सख़्त हो, नरम नहीं।

अवस्था 8: सुखाएं और ऐसे रखें कि नुकसान न हो

अगर गेहूं सूखा और बंद करके रखा जाए तो यह लगभग किसी भी भोजन से बेहतर भंडार होता है। अगर नम हो, तो सड़ जाता है।

हर अवस्था के विस्तृत क़दम और "कैसे पता चले कि सही हुआ" अंग्रेज़ी गाइड में हैं।

आम समस्याएं और उपाय

अगर दिखे: पत्तियों पर छोटे पीले या नारंगी पाउडर जैसे धब्बे, अक्सर पत्ती की लंबाई में सीधी धारियों में। पीला पाउडर उंगली पर लग जाता है। बाद में पत्तियां सिरे से सूखने लगती हैं।

इसका मतलब: पीला रतुआ, जिसे धारीदार रतुआ (स्ट्राइप रस्ट) भी कहते हैं। यह एक फफूंद है जो हवा के साथ आती है और ठंडे-नम मौसम में तेज़ी से फैलती है।

क्या करें:

अगर दिखे: बालियां हरी होने के बजाय काली और पाउडर जैसी निकलती हैं, दाने की जगह काली धूल होती है जो उड़ जाती है और खाली डंठल बचता है। या दाने सामान्य दिखते हैं, पर दबाने पर बदबूदार काले पाउडर से भरे होते हैं।

इसका मतलब: यह कंडुआ (स्मट) या बंट रोग है। यह बीज के अंदर या ऊपर होकर एक मौसम से अगले मौसम तक जाता है।

क्या करें:

अगर दिखे: हवा या बारिश के बाद फसल के कुछ हिस्से ज़मीन पर बिछ जाते हैं, आमतौर पर सबसे ऊंचे, सबसे हरे और सबसे घने हिस्से।

इसका मतलब: यह फसल का गिरना (लॉजिंग) है। तने वज़न नहीं संभाल पाए। आमतौर पर ज़्यादा नाइट्रोजन, लंबी किस्म, बहुत घनी फसल, या मौसम के आख़िर में भारी सिंचाई इसकी वजह होती है।

क्या करें:

इस गाइड की ईमानदार सीमाएं

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