Pectinophora gossypiella · कीट
हिंदी अनुवाद — Laishaयह पेज अंग्रेज़ी पेज के मुख्य हिस्सों का अनुवाद है: पहचान, जीवन-चक्र का सार और रोकथाम। फैलाव, आर्थिक सीमा (ETL), निगरानी, मिलते-जुलते कीट-रोग और सभी स्रोत अंग्रेज़ी पेज पर हैं। Read in English →
एक छोटा पतंगा जिसकी गुलाबी धारियों वाली सुंडियां कपास के टिंडों के अंदर छिपकर रहती हैं, बिनौले खाती हैं और रुई पर दाग डालती हैं। क्योंकि सुंडियां लगभग अंडे से निकलते ही टिंडे के अंदर होती हैं, टिंडे खुलने तक नुकसान दिखता नहीं। यह दुनिया भर में कपास के सबसे विनाशकारी कीटों में से है, और दक्षिण एशिया में इसने लगभग एक दशक में दो-प्रोटीन वाली Bt कपास को मात दे दी।
अंडे बहुत छोटे, चपटे और मोती जैसे सफ़ेद, टिंडों के बाह्यदल और सहपत्रों के नीचे अकेले या छोटे समूहों में दिए जाते हैं। छोटी सुंडियां सफ़ेद, भूरे सिर वाली; तीसरी अवस्था से हर खंड पर चौड़ी गुलाबी पट्टियां बनती हैं और लंबाई लगभग 12 mm तक। वयस्क पतला धूसर-भूरा पतंगा, लगभग 8-10 mm लंबा, संकरे, नुकीले, घनी झालर वाले पंखों के साथ, रात में सक्रिय।
| कलियां बनना और फूल आना | 'गुलाब जैसे फूल' (रोज़ेट फूल): पंखुड़ियां सुंडी के रेशम से जुड़ी रहती हैं, इसलिए फूल खुल नहीं पाता; ख़राब कलियां गिर सकती हैं। |
| हरा टिंडा | सुई जितना प्रवेश का निशान जो जल्दी बंद हो जाता है; अंदर टिंडे की दीवार में सुरंग, ख़राब खाने और बिनौले, और खुद सुंडी। |
| टिंडे खुलना और तुड़ाई | टिंडे ठीक से या पूरे नहीं खुलते; रुई पीली-भूरी दागदार और कमज़ोर; रेशम से जुड़े 'दोहरे बीज' जिनके अंदर सुप्त सुंडियां; टिंडे की दीवार पर निकलने के छेद। |
नई निकली सुंडियां कुछ ही घंटों में फूलों या टिंडों में घुस जाती हैं, इसलिए अपने जीवन के ज़्यादातर समय छिड़काव और शिकारियों से बची रहती हैं। पूरी बढ़ी सुंडियां प्यूपा बनाने के लिए टिंडे से निकलकर मिट्टी या कचरे में जाती हैं, या बीज के अंदर ही रहती हैं। मौसम के आख़िर में कई सुंडियां बीज या मिट्टी में सुप्तावस्था में चली जाती हैं और अगली फसल तक बचती हैं: बीज, जिनिंग मिलों और फसल अवशेषों में बचे रहना ही वह रास्ता है जिससे कीट एक मौसम से अगले तक पहुंचता है।
हर अवस्था की अवधि, तापमान और साल में पीढ़ियों की संख्या अंग्रेज़ी पेज पर है।
नियंत्रण एक क्रम में सबसे अच्छा काम करता है: पहले रोकथाम, फिर निगरानी, और कार्रवाई सिर्फ़ तब जब आर्थिक सीमा या जोखिम का पूर्वानुमान कहे — सबसे कम बाधा डालने वाले असरदार विकल्प से।
Laisha रासायनिक विकल्पों को सिर्फ़ उनके प्रतिरोध-समिति वाले कार्य-प्रणाली (mode-of-action) समूह से बताती है — कीट, माइट और सूत्रकृमि के लिए IRAC, फफूंद, ऊमाइसीट और जीवाणु के लिए FRAC, खरपतवार के लिए HRAC — कभी सक्रिय तत्व (active ingredient) या उत्पाद के नाम से नहीं। क्या पंजीकृत है यह देश के हिसाब से अलग है और समय के साथ बदलता है; कौन-सी दवा किस फसल पर, कितनी मात्रा में और तुड़ाई से कितने दिन पहले तक इस्तेमाल हो सकती है, यह लेबल और आपके स्थानीय पौध-संरक्षण अधिकारी तय करते हैं।
छिड़काव अंडों, नई निकली सुंडियों और वयस्कों को मार सकता है, टिंडों के अंदर की सुंडियों को नहीं, इसलिए छिड़काव की संख्या से ज़्यादा पतंगों की चरम संख्या के हिसाब से समय मायने रखता है। क्या पंजीकृत है यह देश के हिसाब से अलग है और समय के साथ बदलता है; लेबल और अपने स्थानीय पौध-संरक्षण अधिकारी के अनुसार चलें।
| योजना · समूह | कार्य-प्रणाली (अंग्रेज़ी नाम) · टिप्पणी |
| IRAC 3A | Sodium channel modulators (pyrethroids) इतिहास में मौसम के आख़िर में इस्तेमाल हुआ; प्राकृतिक शत्रुओं के लिए हानिकारक। |
| IRAC 1B | Acetylcholinesterase inhibitors (organophosphates) कुछ इलाकों में प्रतिरोध बताया गया है। |
| IRAC 5 | Nicotinic acetylcholine receptor allosteric modulators, site I (spinosyns) सुंडी (लार्वा) मारने वाला। |
| IRAC 6 | Glutamate-gated chloride channel allosteric modulators (avermectins) सुंडी (लार्वा) मारने वाला। |
यह सामान्य जानकारी है, पर्चा नहीं: पहचान की पुष्टि स्थानीय रूप से करें और लेबल और अपने पौध-संरक्षण अधिकारी के अनुसार चलें।