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धान का झोंका रोग (ब्लास्ट)

Pyricularia oryzae · फफूंद रोग

हिंदी अनुवाद — Laisha

यह पेज अंग्रेज़ी पेज के मुख्य हिस्सों का अनुवाद है: पहचान, जीवन-चक्र का सार और रोकथाम। फैलाव, आर्थिक सीमा (ETL), निगरानी, मिलते-जुलते कीट-रोग और सभी स्रोत अंग्रेज़ी पेज पर हैं। Read in English →

झोंका (ब्लास्ट) दुनिया भर में धान का सबसे अहम रोग है। फफूंद पत्तियों पर हीरे के आकार के धूसर धब्बे बनाती है और, सबसे नुकसानदेह रूप से, बाली की गर्दन पर हमला करती है जिससे दाने नहीं भरते ('नेक ब्लास्ट' या 'गर्दन तोड़')। यह हर धान क्षेत्र में होता है, और नई नस्लें प्रतिरोधी किस्मों को बार-बार मात देती हैं। इसी फफूंद का एक संबंधी रूप गेहूं का ब्लास्ट करता है।

पहचान

रोगजनक

फफूंद धब्बों में छोटे डंठलों पर नाशपाती के आकार के, दो-पट वाले, धूसर कोनिडिया बनाती है, जो नम हालात में धूसर मखमली बढ़वार के रूप में दिखते हैं। कोनिडिया मुख्य रूप से रात में छूटते हैं और हवा से जाते हैं। यह फसलों के बीच संक्रमित पुआल, ठूंठ, बीज और सहायक खरपतवार मेज़बानों पर बचती है।

फसल में लक्षण, अवस्था-दर-अवस्था

पौध और कल्ले (पत्ती झोंका)छोटे पानी-सोखे धब्बे जो धूसर या सफ़ेद बीच और भूरे किनारों वाले तकली या हीरे के आकार के धब्बे बन जाते हैं; बहुत से धब्बे मिल जाते हैं और पौध मर सकती है ('जली' नर्सरियां)।
गाभा (कॉलर झोंका)पत्ती के फलक और आवरण के जोड़ (कॉलर) पर भूरे धब्बे, जो झंडा पत्ती को मार देते हैं।
बाली निकलने से दाना भरने तक (गांठ और गर्दन झोंका)गांठें काली होकर टूट जाती हैं; बाली की गर्दन धूसर-भूरी होकर सड़ती है, जिससे बाली गिर जाती है या सफ़ेद और खाली रहती है; आंशिक संक्रमण से अधभरे या हल्के दाने।

रोग-चक्र

कोनिडिया पत्तियों पर गिरकर पानी की परत में अंकुरित होते हैं, एक गुंबद जैसा, मेलानिन वाला एप्रेसोरियम बनाते हैं जो पत्ती की सतह भेदने के लिए भारी दबाव बनाता है। लगभग 4-5 दिनों में धब्बे बनते हैं और कई हफ़्तों तक नए कोनिडिया छोड़ते हैं, ख़ासकर रात में जब नमी ज़्यादा हो। इसलिए रोग मौसम भर बार-बार के चक्रों से बढ़ता है, और बाली निकलने पर पत्तियों से गर्दन तक फैलता है।

हर अवस्था की अवधि, तापमान और साल में पीढ़ियों की संख्या अंग्रेज़ी पेज पर है।

रोकथाम और नियंत्रण (समन्वित प्रबंधन)

नियंत्रण एक क्रम में सबसे अच्छा काम करता है: पहले रोकथाम, फिर निगरानी, और कार्रवाई सिर्फ़ तब जब आर्थिक सीमा या जोखिम का पूर्वानुमान कहे — सबसे कम बाधा डालने वाले असरदार विकल्प से।

खेती के तरीके (कल्चरल नियंत्रण)

जैविक नियंत्रण

प्रतिरोधी किस्में (होस्ट रेज़िस्टेंस)

रासायनिक नियंत्रण — सिर्फ़ कार्य-प्रणाली समूह से

Laisha रासायनिक विकल्पों को सिर्फ़ उनके प्रतिरोध-समिति वाले कार्य-प्रणाली (mode-of-action) समूह से बताती है — कीट, माइट और सूत्रकृमि के लिए IRAC, फफूंद, ऊमाइसीट और जीवाणु के लिए FRAC, खरपतवार के लिए HRAC — कभी सक्रिय तत्व (active ingredient) या उत्पाद के नाम से नहीं। क्या पंजीकृत है यह देश के हिसाब से अलग है और समय के साथ बदलता है; कौन-सी दवा किस फसल पर, कितनी मात्रा में और तुड़ाई से कितने दिन पहले तक इस्तेमाल हो सकती है, यह लेबल और आपके स्थानीय पौध-संरक्षण अधिकारी तय करते हैं।

फफूंदनाशक ज़्यादा जोखिम वाले मौसम में संवेदनशील किस्मों पर सबसे उपयोगी हैं: पहले पत्ती झोंके पर, और गर्दन झोंके के ख़िलाफ़ देर के गाभे और शुरुआती बाली निकलने पर। क्या पंजीकृत है यह देश के हिसाब से अलग है और समय के साथ बदलता है; लेबल और अपने स्थानीय पौध-संरक्षण अधिकारी के अनुसार चलें।

योजना · समूहकार्य-प्रणाली (अंग्रेज़ी नाम) · टिप्पणी
FRAC 16.1Melanin biosynthesis inhibitors - reductase (MBI-R)
एप्रेसोरियम का भेदना रोकता है; रक्षक।
FRAC 16.2Melanin biosynthesis inhibitors - dehydratase (MBI-D)
पूर्वी एशिया में प्रतिरोध दर्ज।
FRAC 11Quinone outside inhibitors (QoI, strobilurins)
प्रतिरोध दर्ज; मिश्रण में इस्तेमाल करें।
FRAC 3Demethylation inhibitors (DMI)
अंतःप्रवाही (सिस्टमिक)।
FRAC 6Phospholipid biosynthesis inhibitors (phosphorothiolates and dithiolanes)
एशियाई धान में इस्तेमाल होता है।
FRAC 24Hexopyranosyl antibiotics
जहां पंजीकृत हो वहां इस्तेमाल होता है।
FRAC P02Host plant defence induction (benzisothiazoles)
पूर्वी एशिया में नर्सरी बॉक्स या धान के खेत में डाला जाता है।

मुख्य फसलें

धान, रागी, गेहूं

यह सामान्य जानकारी है, पर्चा नहीं: पहचान की पुष्टि स्थानीय रूप से करें और लेबल और अपने पौध-संरक्षण अधिकारी के अनुसार चलें।

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